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आप सभी जन को Astropawankv की पूरी Team की तरफ़ से हार्दिक शुभकामनाएं जी
( Articles Relating to Lal Kitab Astrology, Lal Kitab Vastu, Vedik Astrology, Naddi Astrology, Kaalsarap Yog, Pitar Dosh,Maanglik Dosh, K.P. Astrology, Rashi Ratan ( Lucky Stone ) Astrology,Vastu,.. etc.)
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आप सभी जन को Astropawankv की पूरी Team की तरफ़ से हार्दिक शुभकामनाएं जी
*गुरु पूर्णिमा*
*गुरु ब्रह्मा, गुरु विष्णु, गुरु देवो महेश्वरा:*
*गुरु साक्षात परम ब्रह्मा, तस्मै श्री गुरुवे नम:।*
🙏🙏
*हरि रूठे गुरु ठौर है, गुरु रूठे नहिं ठौर*'
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*यानी भगवान के रूठने पर गुरु की शरण मिल जाती है, लेकिन गुरु अगर रूठ जाए तो कहीं भी शरण नहीं मिलती। गुरु की जरूरत हमें अपने जीवन चक्र में पग पग पर पड़ती हैं वो जरूरत चाहे किसी भी रुप में हो। गुरु हमें किसी भी रुप में, किसी भी रिश्ते में मिल सकता है इसलिए जीवन में गुरु का विशेष महत्व है। मान्यता है कि आप जिसे भी अपना सच्चे मन से दिल से गुरु मानते हों, गुरु पूर्णिमा के दिन आपको उसकी पूजा करनी चाहिए आशीर्वाद लेना चाहिए गुरू की पूजा करने से ब आशीर्वाद लेने से जीवन की बहुत सारी बाधाएं दूर हो जाती है।*
*गुरु पूर्णिमा कब होती है।*
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*आषाढ मास की पूर्णिमा को ही गुरु पूर्णिमा कहा जाता है।*
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*चातुर्मास के चार मास तक प्रवाचक, साधु संत एक ही स्थान पर रह कर ज्ञान गंगा बहाते है। चातुर्मास के चार मास मौसम के अनुसार भी सर्वश्रेष्ठ होते है अध्यन के लिए भी सर्वश्रेष्ठ माने गये है। जैसे सूर्य के ताप से तप्त भूमि को वर्षा से शीतलता और फसल पैदा करने की शक्ति मिलती है उसी प्रकार गुरु चरणो मे उपस्थित साधक को ग्यान शक्ति और भक्ति प्राप्त होती है।*
*गुरु पूर्णिमा किस के नाम पर मनायी जाती है।*
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* *गुरु पूर्णिमा गुरु की पूजा अर्चना के लिए विशेषतः मनायी जाती है। महाभारत के रचियता कृष्ण द्वैपायन का जन्म गुरु पूर्णिमा के दिन हुवा था। कृष्ण द्वैपायन संस्कृत के प्रकाण्ड पंडित थे और चारो वेदो के रचियता भी कृष्ण द्वैपायन ही थे इस लिए इनको में वेद व्यास भी कहा जाता है। कृष्ण द्वैपायन के सम्मान में इस पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है। भक्ति काल में संत कबीर के शिष्य श्री घासी दास का जन्म भी इसी दिन हुवा था।*
*शास्त्रो के अनुसार गुरु का अर्थ।*
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*शास्त्रो के अनुसार गु का अर्थ- अंधकार मूल अज्ञान और रु का अर्थ- निरोधक अर्थात अंधकार हटाकर प्रकाश की ओर लेजाने वाले को ही गुरु कहते है।*
गुरु का महत्व।
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* *गुरु के विना ज्ञान नही मिल सकता है। गुरु को पाने के लिए भी उतनी ही तपस्या करनी पडती है जितनी ईश्वर को पाने के लिए। सच्चा गुरु ही हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ला सकता है। संत कबीर दास जी ने गुरु को ईश्वर से भी बडा निम्न दोहे में बताया है।*
*"गुरु गोबिन्द दोऊ खडे, काके लागू पाय।*
*बलिहारी गुरु आपने, गोबिन्द दिये बताय।।"*
*गुरु पूर्णिमा की... आप सभी जन को हार्दिक शुभकामनाएं*
*गुरु ह्रदय में , सदा गुरु ही है भ्रम का काल*
*गुरु अवगुण को मेटते, मिटे सभी भ्रमजाल*
*मेरे सुख-दुख में, अच्छे- बुरे वक्त में , व्यवसाय के क्षेत्र में या सामाजिक व धार्मिक कार्य में, कोई मित्र के रूप में , कोई मार्गदर्शक के रूप में तो कोई शुभचिंतक के रूप में आप लोगों ने मुझे समय समय पर मार्गदर्शन देकर मेरे मनोबल को बढ़ाया है, मुझे सही रास्ता दिखाया है*,
*आप जैसे सभी आदरणीय स्नेही मित्र शुभचिंतकों व पूज्यनीय गुरुओं को नतमस्तक होकर प्रणाम करता हूँ और गुरुपूर्णिमा की बधाई देता हूँ....*
*|| *गुरु पूर्णिमा की हार्दिक बधाई ||*
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*Research Astrologers Pawan Kumar Verma (B.A.,D.P.I.,LL.B.) & Monita Verma Astro Vastu Verma's Scientific Astrology and Vastu Research Center Ludhiana Punjab Bharat Phone number..9417311379. www.astropawankv.com*
#नवरात्रि पर्व का नवम दिवस और मां की पूजा अर्चना