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Friday, 27 March 2015

क्या कहता है लाल किताब का रहस्यमयी वास्तु ज्ञान .........4

क्या कहता है लाल किताब का रहस्यमयी वास्तु ज्ञान ........4
आज मैं  आप सब के साथ फिर से  लाल किताब के रहस्यमयी वास्तु ज्ञान पर चर्चा करने जा रहा हु  मैंने आप सब को अपने पिछले लेख में लाल किताब के रहस्यमयी  वास्तु ज्ञान (क्या कहता है लाल किताब का रहस्यमयी वास्तु ज्ञान ...3 )  के बारे में अवगत करवाया था आज मैं  फिर से आप सभी के  साथ उसी रहस्यमयी वास्तु ज्ञान पर आगे विचार विमर्श करूँगा मैंने  आपको अपने पिछले लेख में बताया था  कि  लाल किताब के रहस्यमयी वास्तु ज्ञान के अनुसार आपका मकान किस हैसियत का है यानि उस मकान में रहने वालों पर उसका क्या प्रभाव है  क्या फल है शुभ फल है या अशुभ फल है .
लाल किताब के रहस्यमयी वास्तु ज्ञान में पंडित जी  ने  हमे एक फार्मूला बताया हुआ  है उसके अनुसार अगर हम उसका सही सही गणित कर ले  और उस गणित को पूरा करने के बाद ( कैलकुलेशन ) करने पर जो भी बाकी जवाब आता है यानि जो भी  बाकी बचता  है उस बाकी बचे हुए अंक  के अनुसार मकान की हैसियत का फल पता चलता है  पिछली बार के लेख में आपने जाना था   कि गणित करने के बाद अगर  1 बाकी बचा तो वो मकान बहुत ही बढ़िया होगा गुरु  और सूर्य का फल का होगा और उस जातक की कुंडली में गुरु, सूर्य भी सही स्थान पर बैठे हो तो   जो भी उस मकान  में रहेगा वो  हमेशा तरक्की करेगा उसे हर तरह से उत्तम फल की प्राप्ति होगी. इत्यादि  इसी तरह से 2 बाकी आये तो  उस मकान का अशुभ फल मिलेगा और अगर कुंडली में गुरु शुक्र खाना नंबर 6 में हो या फिर खाना नंबर 6 में केतु हो तो उस मकान /प्रॉपर्टी का  बुरा फल बच्चों पर होगा पत्नी पर बुरा असर होगा और किस्मत पर भी बुरा असर होगा बेकद्री होगी वो व्यक्ति हमेशा यही कहता सुना होगा कि जब से मकान बनाया है पत्नी बीमार ही रहती है बिना मतलब का सफर लगा रहता है और गरीबी भी आ रही है हो सकता है कि किसी को किसी जानबर या  कुत्ता  या किसी  बाहन से कोई  (एक्सीडेंट )  नुक्सान हुआ होगा आपने यह  भी कहते हुए लोगो को सुना होगा कि इस प्रॉपर्टी /मकान /दूकान में जो भी व्यक्ति आया वो बर्बाद ही हुआ उसकी पत्नी ,बच्चे हमेशा परेशानियों  में ही रहे .. इत्यादि और इसी तरह से अगर सही सही गणित करने पर  3 बाकी आये तो वो मकान शेर मुंह वाला यानि आगे का हिस्सा खुला और पीछे का हिस्सा तंग वो मकान मर्दों के लिए उम्दा मंगल या बुध के कामों के लिए बढ़िया दूकान ,कारोबार के लिए बढ़िया मुबारक होगा लेकिन औरतों और बच्चों के लिए अच्छा न होगा हमेशा कोई न कोई परेशानी पीछे लगी ही रहेगी यानि बच्चों और बच्चों की माँ पर किसी न किसी रूप में कोई न कोई परेशानी आती ही रहेगी लेकिन यह परेशानी तभी आएगी अगर वो यानि बच्चे और बच्चों की माँ उस मकान में रात को आराम करे यानि अगर बच्चे और उनकी माता लगातार उस घर में रहने लग जायेंगे तो कोई न कोई परेशानी उनके पीछे लगी रहेगी ...इत्यादि . इसलिए .  कोशिश तो यही   करनी चाहिए कि ऐसे मकान में बाल -बच्चों का और बाल -बच्चों वाली औरत न ही रहे तो अच्छा अगर कहीं मज़बूरी बश  रहना ही पड़े तो गुरु ग्रह के  उपाओ करें इत्यादि . आज मैं आपको इस से आगे का रहस्य बताने जा रहा हु कि  इसी तरह से अगर सही सही गणित करने पर  4 बाकी आये तो ऐसा मकान /प्रॉपर्टी भी शुभ  फल ना देगी यानि इसका अशुभ फल मिलेगा और अगर कुंडली में चन्द्र और शनि खाना नंबर 4 में हो और मंगल ,शुक्र, ग्रह भी अशुभ हो तो ऐसा मकान / प्रॉपर्टी का बुरा फल उस में रहने या काम करने  वाले व्यक्तियों पर होगा वो व्यक्ति सारा दिन रात मेहनत मज़दूरी करता होगा और सबके साथ अपनी पूरी वफादारी निभाता होगा लेकिन लोग उसके साथ बुरा बर्ताव ही करंगे उसको  उसकी पूरी मेहनत भी न देंगे और न ही उसको पूरी इज़्ज़त देंगे   यानि उस व्यक्ति /मालिक  को ऐसा महसूस होता होगा कि लोग /दुनिआ उसको सिर्फ दिखावा के लिए साथ रखती है और उससे पूरी मेहनत भी करवा लेती है लेकिन उसके खाने का कोई भी ख्याल नहीं रखता उससे एक गधे की तरह काम करवाया और खुराक का किसी ने ख़याल ही नहीं किया ऐसा व्यक्ति पूरी   उम्र उस 4 बचने वाली प्रॉपर्टी / मकान में गरीबी ही भोग कर मरता होगा जबकि उस के रिश्तेदार उस से काफी अच्छी हालत में होंगे ..और इसी तरह अगर गणित करने के बाद बाकी  5 आये तो ऐसी प्रॉपर्टी / मकान आदि हमेशा शुभ फल देने वाला होता है और अगर जातक की कुंडली में गुरु ग्रह खाना नंबर 5 में हो और खाना नंबर 1 -4 - 8 - 10 भी शुभ हालत में हो तो ऐसे मकान / प्रॉपर्टी में जो भी रहेगा वो सुखी रहेगा अौरत ,बाल बच्चे आदि सब सुख पाएंगे और मकान गौ घाट होगा यानि पीछे से खुला( ज्यादा ) और आगे से तंग (कम ) होगा  उस में रहने वाले हमेशा तरक्की करते होंगे उन्हें कभी धन -दौलत या जमीन - जायदाद की कमी नहीं आएगी उसकी पत्नी और बच्चे भी हमेशा तरक्की पर होंगे और सेहतमंद होंगे  और आप देखते होंगे कि सभी लोग भी उनको इज़्ज़त देते होंगे ..आज के लिए इतना ही काफी ......बाकी फिर सही    मैं  आपको अपने आने वाले  लेखो में   मैं आपको समझाने की कोशिश करूँगा कि लाल किताब का रहस्यमयी ज्ञान का   ज्योतिष / वास्तु रहस्य किस तरह से  काम करता है और  मकान कुंडली किस तरह से  बनानी है और किस तरह से  जन्मकुंडली देख कर हमे व्यक्ति के मकान /घर के बारे में जानकारी होगी और जन्मकुंडली से ही अपने या अपने रिश्तेदारों का किस तरह से  पता चलता है और क्या जातक मकान /घर अपनी ज़िंदगी में बना पायेगा और iमकान /घर बनाने के बाद फ़ायदा या नुक्सान होगा. ..कि हमे अपनी ज़िंदगी में अपना मकान आदि  अपने नाम से बनाना चाहिए या नहीं ..अगर बनाते हैं तो वो  मकान / प्रॉपर्टी  किस हैसियत का है और वो मालिक के लिए कैसा होगा नेक फल का है या मंदा फल का है... आदि बहुत  सी  ऐसी बातें पता चल जाती है  जिनका पहले से  हमे पता ही नहीं होता है .अगली बार मैं आपको इसी रहस्य के बारे में और जानकारी दूंगा और  मैं  आपके साथ  अपने अगले आने बाले लेखों और कई अनजान रहस्यों के बारे में  विचार -  बिमर्श   करूँगा  और आप को यह बताने का प्रयास करूँगा कि लाल किताब के रहस्यमयी ज्ञान में पंडित जी ने हमे लाल किताब के रहस्यमयी ज्योतिष ज्ञान के  रहस्य में और क्या क्या समझाया है  इस तरह से हमे इस लाल किताब के रहस्यमयी ज्योतिष  ज्ञान से दरुस्त करके बनायीं गयी जन्मकुंडली में से ऐसी कई रहस्यों का  पता लगने लग जायेगा जो आपको न पहले पता होंगे और न ही पहले किसी ने आपको  बताये होंगे  यह सब बातें जानने के लिए सब से जरुरी शर्त यह  है कि आप को   अपनी जन्मकुंडली को पहले लाल किताब के रहस्यमयी ज्ञान में दी गयी जरुरी शर्तो के अनुसार दरुस्त किया जाये और जन्मकुंडली को लाल किताब के रहस्यमयी ज्ञान के अनुसार बनाया जाये या फिर  किसी लाल किताब के रहस्यमयी ज्ञान को गहराई  से  जानने वाले को कुंडली दिखाई जाये  तभी आपको इस लाल किताब के रहस्यमयी ज्योतिष ज्ञान के रहस्य समझ में  आने लगेंगे और आपको कौन कौन से उपाओ करने होंगे जिनके करने से आपको ज़िंदगी में आने वाले कष्ट /परेशानियों से बचा जा सके ....आज के लिए इतना ही काफी ......बाकी फिर सही    .कि क्या कहता  है लाल किताब का रहस्यमयी ज्योतिष ज्ञान ..

PAWAN KUMAR VERMA ( B.A.,D.P.I.,LL.B.)
                         RESEARCH  ASTROLOGER
                                         GOLD MEDALIST
LUDHIANA ,PUNJAB , INDIA
PHONE:- 9417311379 .

Wednesday, 25 February 2015

क्या कहता है लाल किताब का रहस्यमयी वास्तु ज्ञान ........3

क्या कहता है लाल किताब का रहस्यमयी वास्तु ज्ञान ....3
आज मैं  आप सब के साथ फिर से  लाल किताब के रहस्यमयी वास्तु ज्ञान पर चर्चा करने जा रहा हु  मैंने आप सब को अपने पिछले लेख में लाल किताब के रहस्यमयी  वास्तु ज्ञान (क्या कहता है लाल किताब का रहस्यमयी वास्तु ज्ञान ...2 )  के बारे में अवगत करवाया था आज मैं  फिर से आप सभी के  साथ उसी रहस्यमयी वास्तु ज्ञान पर आगे विचार विमर्श करूँगा मैंने  आपको अपने पिछले लेख में बताया था  कि लाल किताब की दरुस्त की गयी   जनम  कुंडली  में  शनि  ग्रह  किस खाना में बैठा हो   तो   हमे  मकान    बनाना  चाहिए  या  नहीं  और   मकान बनाने  से  फ़ायदा  होगा  या  नुक्सान  होगा  और वो नुक्सान हमारे परिवार में किस तरफ होगा अपने घर में या नानके या दादके परिवार में इत्यादि ...मैंने आपको अपने पिछले लेख बताया था कि   कैसे  लाल किताब के रहस्यमयी ज्योतिष  ज्ञान से दरुस्त करके बनायीं गयी  जन्मकुंडली   के  खाना  नंबर  1  से लेकर खाना नंबर 12  में   अगर  शनि  ग्रह  बैठा  हो  और  खाना  नंबर  7 और  10 और  6 में  कोई  ग्रह  बैठा  हो  जिनकी  आपस  मैं  न  बनती  हो  या वो एक दूसरे को दूषित कर रहे हो  और खाना नंबर  8   भी  दूषित हो रहा हो  या फिर  वो   जातक अपने कर्मो से शनि और शुक्र ,मंगल ग्रह को दूषित कर रहा हो  तो    ऐसा  जातक  अगर  मकान   बना  ले  तो  लोगो  की  नज़रों  मैं  तो  मकान  बना  रहा होगा या बन  गया  होगा  पर  उसको  अब  रोटी  से  भी  तरसना  होगा  यानि  गरीबी  कष्ट  परेशानिया  उसका अब  पीछा   नहीं  छोड़ेगी  और उसके अपने ही उसे घर से दर- बदर करते होंगे   और  वो  आम  कहता हुआ  सुना  होगा  कि  जब  से  मकान  बनाया  है  कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है इत्यादि ...बहुत सी ऐसी बातें वो जातक करता होगा जिस में उसके अंदर की निराशा की भावना   साफ़ नज़र आती  होगी ..
आज उसी लाल किताब के रहस्यमयी वास्तु ज्ञान के कुछ और रहस्य के बारे में आपको बताता हूँ आज आप सब जानेंगे कि  लाल किताब के रहस्यमयी वास्तु ज्ञान के अनुसार आपका मकान किस हैसियत का है यानि उस मकान में रहने वालों पर उसका क्या प्रभाव है  क्या फल है शुभ फल है या अशुभ फल है .
लाल किताब के रहस्यमयी वास्तु ज्ञान में पंडित जी  ने  हमे एक फार्मूला बताया हुआ  है उसके अनुसार अगर हम उसका सही सही गणित कर ले  और उस गणित को पूरा करने के बाद ( कैलकुलेशन ) करने पर जो भी बाकी (0  से 8) जवाब आता है यानि जो बाकी बचता  है उस बाकी बचे हुए अंक  के अनुसार मकान की हैसियत का फल पता चलता है जैसे मान लो  कि 1 बाकी बचा तो वो मकान बहुत ही बढ़िया होगा गुरु  और सूर्य का फल का होगा और उस जातक की कुंडली में गुरु, सूर्य भी सही स्थान पर बैठे हो तो   जो भी उस मकान  में रहेगा वो  हमेशा तरक्की करेगा उसे हर तरह से उत्तम फल की प्राप्ति होगी. आपने कई बार लोगो को कहते हुए सुना होगा कि फलाना मकान / दूकान में जो भी व्यक्ति आया उसने बहुत तरक्की की अर्थात जब से उस व्यक्ति ने वो प्रॉपर्टी ली है उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा हमेशा तरक्की करता चला गया बहुत ही भाग्यवान मकान / दूकान /प्रॉपर्टी है ...इत्यादि     इसी तरह अगर सही सही गणित करने के बाद जवाब   2 बाकी आये तो उस मकान का अशुभ फल मिलेगा और अगर कुंडली में गुरु शुक्र खाना नंबर 6 में हो या फिर खाना नंबर 6 में केतु हो तो उस मकान /प्रॉपर्टी का  बुरा फल बच्चों पर होगा पत्नी पर बुरा असर होगा और किस्मत पर भी बुरा असर होगा बेकद्री होगी वो व्यक्ति हमेशा यही कहता सुना होगा कि जब से मकान बनाया है पत्नी बीमार ही रहती है बिना मतलब का सफर लगा रहता है और गरीबी भी आ रही है हो सकता है कि किसी को किसी जानबर या  कुत्ता  या किसी  बाहन से कोई नुक्सान हुआ होगा आपने यह  भी कहते हुए लोगो को सुना होगा कि इस प्रॉपर्टी /मकान /दूकान में जो भी व्यक्ति आया वो बर्बाद ही हुआ उसकी पत्नी ,बच्चे हमेशा परेशानिओ में ही रहे .. इत्यादि ..अगर किसी का ऐसा मकान हो और .अगर उसकी  पत्नी परेशान /बीमार रहती हो औलाद में परेशानी हो   तो जातक को चाहिए कि पत्नी के सिर पर खालिस सोना का कोई गहना कायम करें ऐसा करने से ओलाद  और नसीब की बरकत होगी और उसका और परिवार का जीवन सुधरने लग जायेगा ...  इत्यादि और इसी तरह से अगर सही सही गणित करने पर  3 बाकी आये तो वो मकान शेर मुंह वाला यानि आगे का हिस्सा खुला और पीछे का हिस्सा तंग वो मकान मर्दों के लिए उम्दा मंगल या बुध के कामों के लिए बढ़िया दूकान ,कारोबार के लिए बढ़िया मुबारक होगा लेकिन औरतों और बच्चों के लिए अच्छा न होगा हमेशा कोई न कोई परेशानी पीछे लगी ही रहेगी यानि बच्चों और बच्चों की माँ पर किसी न किसी रूप में कोई न कोई परेशानी आती ही रहेगी लेकिन यह परेशानी तभी आएगी अगर वो यानि बच्चे और बच्चों की माँ उस मकान में रात को आराम करे यानि अगर बच्चे और उनकी माता लगातार उस घर में रहने लग जायेंगे तो कोई न कोई परेशानी उनके पीछे लगी रहेगी ...इत्यादि . इसलिए .  कोशिश तो यही   करनी चाहिए कि ऐसे मकान में बाल -बच्चों का और बाल -बच्चों वाली औरत न ही रहे तो अच्छा अगर कहीं मज़बूरी बश  रहना ही पड़े तो गुरु ग्रह के  उपाओ और पीले फूलों को जरूर कायम करें तभी रहें बरना फल मंदा ही होगा लेकिन   कारोबार के लिए ये मकान /दूकान/प्रॉपर्टी  अच्छी होगी यानि उसमे कारोबार /दुकानदारी अच्छी चलेगी ...आदि .. आज के लिए इतना ही कुछ और रहस्यों के साथ अगली बार ....                      ..
  आने  बाले  समय  में  मैं  आपको अपने आने वाले  लेखो में   मैं आपको समझाने की कोशिश करूँगा कि  इसका ज्योतिष / वास्तु रहस्य कैसे काम करता है कैसे मकान कुंडली बनानी है और कैसे जन्मकुंडली देख कर हमे व्यक्ति के मकान /घर के बारे में जानकारी होगी और जन्मकुंडली से ही अपने या अपने रिश्तेदारों का कैसे पता चलता है और क्या जातक मकान /घर अपनी ज़िंदगी में बना पायेगा और iमकान /घर बनाने के बाद फ़ायदा या नुक्सान होगा  इत्यादि ..कि हमे अपनी ज़िंदगी में अपना मकान आदि  अपने नाम से बनाना चाहिए या नहीं ..अगर बनाते हैं तो वो  किस हैसियत का है और वो मालिक के लिए कैसा होगा नेक फल का है या मंदा फल का है... आदि बहुत  सी  ऐसी बातें पता चल जाती है  जिनका पहले हमे पता ही नहीं होता है इत्यादि .अगली बार मैं आपको इसी रहस्य के बारे में और जानकारी दूंगा और  मैं  आपके साथ  अपने अगले आने बाले लेखों और कई अनजान रहस्यों के बारे में  विचार -  बिमर्श   करूँगा  और आप को यह बताने का प्रयास करूँगा कि लाल किताब के रहस्यमयी ज्ञान में पंडित जी ने हमे लाल किताब के रहस्यमयी ज्योतिष ज्ञान के  रहस्य में और क्या क्या समझाया है आदि ....  इस तरह से हमे इस लाल किताब के रहस्यमयी ज्योतिष  ज्ञान से दरुस्त करके बनायीं गयी जन्मकुंडली में से ऐसी कई रहस्यों का  पता लगने लग जायेगा जो आपको न पहले पता होंगे और न ही पहले किसी ने आपको  बताये होंगे  यह सब बातें जानने के लिए सब से जरुरी शर्त यह  है कि आप की  अपनी जन्मकुंडली को पहले लाल किताब के रहस्यमयी ज्ञान में दी गयी जरुरी शर्तो के अनुसार दरुस्त किया जाये और जन्मकुंडली को लाल किताब के रहस्यमयी ज्ञान के अनुसार बनाया जाये या फिर  किसी लाल किताब के रहस्यमयी ज्ञान को गहराई  से  जानने वाले को कुंडली दिखाई जाये  तभी आपको इस लाल किताब के रहस्यमयी ज्योतिष ज्ञान के रहस्य समझ में  आने लगेंगे .... आज के लिए इतना ही काफी ......बाकी फिर सही ...कि क्या कहता  है लाल किताब का रहस्यमयी ज्योतिष ज्ञान ...
PAWAN KUMAR VERMA (B.A.,D.P.I.,LL.B.)
RESEARCH - ASTROLOGER
LUDHIANA ,PUNJAB,INDIA
(M)  -  9417311379.

Tuesday, 6 January 2015

क्या कहता है लाल किताब का रहस्यमयी वास्तु ज्ञान .....2

क्या कहता है लाल किताब का रहस्यमयी वास्तु ज्ञान ........
आज हम फिर से लाल किताब के रहस्यमयी वास्तु ज्ञान पर चर्चा करेंगे मैंने आप सब को अपने पिछले लेख में लाल किताब के रहस्यमयी  वास्तु ज्ञान के बारे में अवगत करवाया था आज मैं  फिर से आप सभी के  साथ उसी रहस्यमयी वास्तु ज्ञान पर आगे विचार विमर्श करूँगा मैंने  आपको अपने पिछले लेख में बताया था  कि लाल किताब की दरुस्त की गयी   जनम  कुंडली  में  शनि  ग्रह  किस खाना में बैठा हो   तो   हमे  मकान    बनाना  चाहिए  या  नहीं  और   मकान /घर बनाने  से  फ़ायदा  होगा  या  नुक्सान  होगा  और वो नुक्सान हमारे परिवार में किस तरफ होगा अपने घर में या नानके या दादके परिवार में इत्यादि ...  जैसे  अगर लाल किताब के रहस्यमयी ज्योतिष  ज्ञान से दरुस्त करके बनायीं गयी  जन्मकुंडली   के  खाना  नंबर  1 में   शनि  ग्रह  बैठा  हो  और  खाना  नंबर  7 और  10 और  6 में  कोई  ग्रह  बैठा  हो  जिनकी  आपस  मैं  न  बनती  हो वो एक दूसरे को दूषित कर रहे हो  और खाना नंबर  8   भी  दूषित  हो  या फिर  वो   जातक अपने कर्मो से शनि और शुक्र ,मंगल ग्रह को दूषित कर रहा हो  तो    ऐसा  जातक  अगर  मकान /घर  बना  ले  तो  लोगो  की  नज़रों  मैं  तो  मकान  बन  रहा होगा या बन  गया  होगा  पर  उसको  अब  रोटी  से  भी  तरसना  होगा  यानि  गरीबी  कष्ट  परेशानिया     उसका अब    पीछा   नहीं  छोड़ेगी  और उसके अपने ही उसे घर से दर- बदर करते होंगे   और  वो  आम  कहता हुआ  सुना  होगा  कि  जब  से  मकान  बनाया  है  कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है इत्यादि ...बहुत सी ऐसी बातें वो जातक करता होगा जिस में उसके अंदर की निराशा साफ़ नज़र आती  होगी ............इत्यादि इसी  तरह से अगर लाल किताब की दरुस्त की गयी कुंडली के खाना नंबर 2 में .शनि बैठा हो और कुंडली शुक्र और मंगल ग्रह ठीक हो तो जातक अपना मकान जब और जैसा बने उसको बनने दे वो मकान बनने पर मुबारक होगा और इसी तरह से शनि अगर खाना नंबर 3 में हो तो मकान तो बनेगा लेकिन 2 कुत्ते पालने होंगे बरना उस के घर में  गरीबी का कुत्ता भोकने लग जायेगा और अगर शनि खाना नंबर 4 में हो और वो जातक नया  मकान बंनाने लगे तो उसके नानके खानदान में और अपने ससुराल खानदान और दादी या बुजुर्ग औरतें व् मां पर व् मामा पर   बुरा  असर होगा अर्थात उनकी तरफ से कष्ट परेशानियों की ख़बरें आनी शुरू हो जाएँगी वो सब लोग धीरे धीरे से बर्बाद से होते हुए नज़र आने लगेंगे आदि ... और इसी तरह शनि अगर खाना नंबर 5 में हो तो औलाद पर बुरा असर होना शुरू होगा और नंबर 6.में  हो तो अपना मकान 39.साल के बाद बनाये वरना लड़कियों के रिश्तेदारों  पर बुरा असर होगा और नंबर 7 में होने पर जातक को अपना मकान खुद नहीं बनाना चाहिए  बल्कि उसे हमेशा बना बनाया मकान ही लेना चाहिए इत्यादि  और अगर शनि खाना नंबर 8 में हो और शुक्र ,मंगल ग्रह भी दूषित हो रहे हो तो मकान अपने नाम से  न ही बनाये तो ही ठीक रहेगा वरना मकान बनाना शुरू करते ही परेशानिया आनी  शुरू हो जाएगी  और अगर जन्मकुंडली में शनि खाना नंबर 9 में हो तो अगर घर में कोई भी औरत प्रेग्नेंट हो तो उस जातक को अपनी कमाई से मकान नहीं बनाना चाहिए वरना परिवार में गरीबी  आने लगेगी या घर में किसी न किसी की मौत का बहाना बनेगा और अगर शनि ,शुक्र ,मंगल ग्रह शुभ हो तो जातक को अपनी ज़िंदगी में तीन प्रॉपर्टी मिलेंगी अगर ग्रह शुभ न हो तो जातक को किराये के मकान में रहना होगा... इत्यादि और इसी तरह अगर शनि खाना नंबर 10 में हो तो जातक जब तक  अपनी कमाई से मकान आदि न बनाये उसकी आमदन कभी खराब न होगी धन दौलत हमेशा जमा होती रहेगी लेकिन अगर जातक ने अपनी कमाई से मकान आदि बना लिया तो उसकी आमदन धन -दौलत बर्बाद होनी शुरू हो जाएगी और उसकी बाकी की ज़िंदगी परेशानियों में ही निकलेगी ..और अगर शनि खाना नंबर 11 में हो तो वो  जातक  कभी भी  मकान आदि दक्षिण दिशा का न बनाये और न ही  कभी शराब आदि  पिए  वरना उसकी सेहत खराब और घर में कष्ट -परेशानियों होगी इत्यादि  और अगर मकान बनाना भी हो तो अपनी उम्र के 55  साल के बाद ही अपना मकान बनाये और अगर शनि खाना नंबर 12 में हो तो मकान बनेगा और जैसा बने उसे बनने दे रोके नहीं. वो मकान मुबारक      होगा .इत्यादि ...  तो इस  तरह से लाल किताब के रहस्यमयी वास्तु  ज्ञान में से हमे   सभी   खानो में बैठे शनि ग्रह और कुंडली में शुक्र,मंगल ग्रह से ऐसी बहुत सी बातों /रहस्यों  का   पता चल जायेगा  इत्यादि ...तो  इस रहस्य  से  हमे  यह  पता  चलता  है  की  हमे  शनि  ग्रह  किसी  भी   हाल  में   ख़राब  नहीं  करना  उपरोकत  हाल  अगर  किसी  की  कुंडली  में   शनि ,मंगल,और शुक्र  दूषित हो या वो अपने कर्मो से  जाने -अनजाने में  ग्रहो को   ख़राब कर   रहा  हो  तो  भी अपने नाम से  मकान (प्रॉपर्टी) के  बाद  हाल  बुरा  होता  है  या  वो  जातक   अपनी पूरी ज़िंदगी में  मकान  बनाने के लिए बहुत जिद्दोजहद करता होगा लेकिन वो जातक अपनी पूरी कोशिश करने पर भी मकान (प्रॉपर्टी)  बना नहीं  पता  है .... ..
और  आगे  इस  रहस्य  में   हमे  मकान / कमरा  की  पैमाईश  करने  का   रहस्य  भी  बताया  है  जिस  को  करने  से  हमे  मकान  किस  हैसियत  का  होगा  पता  चल  जायेगा  .... ...ऐसी  और  भी  बहुत  सी  बातें  है  जिनका  अगर  जिकर   करें  तो  पूरी  किताब  लिखी  जा  सकती  है ..इस  समय  तो
 मैं  आपको  इसके  रहस्य  के  बारे  में  अवगत  करवा  रहा  हु ..लेकिन  आने  बाले  समय  में  मैं  आपको अपने लेखो में   मैं आपको समझाने की कोशिश करूँगा कि  इसका वास्तु रहस्य कैसे काम करता है कैसे मकान कुंडली बनानी है और कैसे जन्मकुंडली देख कर हमे व्यक्ति के मकान /घर के बारे में जानकारी होगी और जन्मकुंडली से ही अपने या अपने रिश्तेदारों का कैसे पता चलता है और क्या जातक मकान /घर अपनी ज़िंदगी में बना पायेगा और मकान /घर बनाने के बाद फ़ायदा या नुक्सान होगा  इत्यादि ..कि हमे अपनी ज़िंदगी में अपना मकान आदि  अपने नाम से बनाना चाहिए या नहीं ..मैंने आपको अपने पिछले लेख में जिकर किया था कि लाल किताब के रहस्यमयी वास्तु ज्ञान से हमे एक और भी बहुत ही गहरे रहस्य के बारे में पता चलता है वो यह कि हमारा मकान किस हैसियत का है जिस के पता करने के लिए लाल किताब के रहस्यमयी ज्ञान में पंडित जी ने  एक बहुत ही गहरा रहस्य फार्मूला के रूप में हमे  समझाया है जिस का सही तरीके से उपयोग  करने पर हमे यह पता चल जायेगा कि हम जिस मकान /दूकान इत्यादि के मालिक है वो किस हैसियत का है और वो मालिक के लिए कैसा होगा नेक फल का है या मंदा फल का है... आदि बहुत  सी  ऐसी बातें पता चल जाती है  जिनका पहले हमे पता ही नहीं होता है इत्यादि ... हमारा मकान / दूकान /प्रॉपर्टी  आदि  किस हैसियत की    है जिस का जिकर में आपके साथ  अपने अगले वास्तु के लेख  में अलग से करूँगा  और आप को यह बताने का प्रयास करूँगा कि लाल किताब के रहस्यमयी ज्ञान में पंडित जी ने हमे लाल किताब के  वास्तु रहस्य में और क्या क्या समझाया है आदि ....  इस तरह से हमे इस लाल किताब के रहस्यमयी ज्ञान से दरुस्त करके बनायीं गयी जन्मकुंडली में से ऐसी कई रहस्यों का  पता लगने लग जायेगा जो आपको न पहले पता होंगे और न ही पहले किसी ने आपको  बताये होंगे  यह सब बातें जानने के लिए सब से जरुरी शर्त यह  है कि आप की  अपनी जन्मकुंडली को पहले लाल किताब के रहस्यमयी ज्ञान में दी गयी जरुरी शर्तो के अनुसार दरुस्त किया जाये और जन्मकुंडली को लाल किताब के रहस्यमयी ज्ञान के अनुसार बनाया जाये या फिर  किसी लाल किताब के रहस्यमयी ज्ञान को गहराई  से  जानने वाले को कुंडली दिखाई जाये  तभी आपको इस लाल किताब के रहस्यमयी ज्योतिष ज्ञान के रहस्य समझ में  आने लगेंगे आदि 
.   इसकी  एक  एक  बात  या  रहस्य  को   जिन रहस्य को मैं आज तक समझ पाया हु व् समझ रहा हु उन सभी रहस्यों के बारे में आपको समझाने /बताने का प्रयास करूँगा उनको तफ्सील  से  भी  बताऊंगा कि क्या कहता है लाल किताब का रहस्यमयी ज्योतिष ज्ञान ....  जिसके  लिए  आप  मुझे  इसी  तरह   से  प्यार  देते  रहे  और  मेरे  साथ  जुड़े  रहे  आज  के  लिए  बस  इतना  ही  बाकि  फिर  सही ..कि  क्या  कहता  है  लाल  किताब  का  रहस्यमयी  ज्ञान   वास्तु ज्ञान आपके  लिए .....
पवन कुमार वर्मा          रिसर्च एस्ट्रोलोजर
PAWAN KUMAR VERMA     ( B.A.,D.P.I.,LL.B.)     RESEARCH ASTROLOGER