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Saturday, 2 April 2022

नव वर्ष विक्रम संवत 2079

 *भारतीय नव वर्ष विक्रम संवत् 2079*

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विक्रम संवत 2079 शनिवार से शुरू हो रहा है और इसके राजा शनि होंगे। इस वर्ष का मंत्री मण्डल के पद इस प्रकार है। राजा-शनि, मंत्री गुरु ,सस्येश-सूर्य,दुर्गेश-बुध,धनेश-शनि, रसेश मंगल, धान्येश शुक्र, नीरसेशशनि,फलेश-बुध,मेघेश-बुध  होंगे। साथ ही संवत्सर का निवास कुम्हार का घर और समय का वाहन घोड़ा होगा।


भारतीय सांस्कृतिक गौरव की स्मृतियां समेटे हुए अपना नववर्ष युगाब्द 5124 विक्रम संवत 2079 चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तदानुसार शनिवार 2 अप्रैल 2022 को प्रारंभ हो रहा है।


भारतीय नया साल चैत्र शुक्ल प्रतिपदा 

     से प्रारम्भ होता है, क्यों कि?


1- लगभग  इसी तिथि को ब्रम्हाजी ने 

            श्रष्टि की रचना की थी।


2. पृथ्वी की रचना के कारण यह

      दिन भारतमाता का जन्मदिन है।


3. प्रकृति अपने पुराने आवरण को बदलती है 

     अर्थात नये फूल-पत्ते आते है।


4. भगवान रामचन्द्र जी का राज्याभिषेक

              इसी दिन हुआ था।


5. महाराज युधिष्ठर का राजतिलक लगभग 

       ‌5 हजार वर्ष पूर्व इसी दिन हुआ था।


6. महाराज विक्रमादित्य द्वारा विक्रम सम्मत्

            इसी दिन हुआ।


7. नववर्ष के रूप में नवरात्रि का महान पर्व 

     इसी दिन से आरम्भ होता है और नौ दिन तक चलता है।


8. देव भगवान झूलेलाल का जन्मदिवस है।


शास्त्रों के अनुसार सभी चारों युगों में सबसे पहले सतयुग का प्रारम्भ इसी तिथि यानी चैत्र प्रतिपदा से हुआ था। यह तिथि सृष्टि के कालचक्र प्रारंभ और पहला दिन भी माना जाता है।


इसी के साथ ये भी मान्यता है कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि पर भगवान राम ने वानरराज बाली का वध करके वहां  की प्रजा को मुक्ति दिलाई। जिसकी खुशी में प्रजा ने घर-घर में उत्सव मनाकर ध्वज फहराए थे।


आप सभी को मेरी ओर मेरे परिवार की तरफ से

  भारतीय नववर्ष की अनंत शुभकामनाएं।

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Tuesday, 1 March 2022

शिवरात्री की हार्दिक शुभकामनाएं

 *चिताभस्मालेपो गरलमशनं दिक्पटधरो*

*जटाधारी कण्ठे भुजंगपतिहारी पशुपतिः।*


*कपाली भूतेशो भजति*

*भवानि त्वत्पाणिग्रहणपरिपाटीफलमिदम्॥*


*जो चिता की भस्‍म रमाए हैं,विष खाते हैं, दिशाएँ ही जिनके वस्त्र हैं, जटा-जूट बांधे हैं, गले में सर्पमाल पहने हैं, हाथ में खप्‍पर लिए हैं, पशुपति और भूतों के स्‍वामी हैं, ऐसे शिवजी ने भी एक मात्र जगदीश्‍वर की पदवी पाई है, वह हे भवानी! तुम्‍हारे साथ विवाह होने का ही फल है।*


 *||शिवरात्री विशेष मे- ||*

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*राशि के अनुंसार महाशिवरात्री के दिन काैन से मंत्र के जाप करने से  शुभ फल-*



*मेष-ॐ सोमेश्वराय नम:*

*वृषभ-ॐ मल्लीकार्जुनाय*


*मिथुन-ॐ महाकालेश्वर नमः*

*कर्क-ॐ ॐकारेश्वराय नमः*


*सिंह-ॐ वैजनाथाय नमः*

*कन्या-ॐ भिमाशंकराय नमः*


*तुला-ॐ रामेश्वराय नमः*

*वृष्चिक-ॐ नागेश्वराय नमः*


*धनु-ॐ विस्वेश्वराय नमः*

*मकर-ॐ त्रम्बकेश्वराय नमः*


*कुंभ-ॐ केदारेश्वराय नमः*

*मीन-ऊँ धृष्मेश्वराय नमः*

 

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Saturday, 5 February 2022

बसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं

 बसंत पंचमी के दिन सुबह स्नान करके पीले या सफेद वस्त्र धारण करें, फिर मां सरस्वती की मूर्ति या चित्र उत्तर-पूर्व दिशा में स्थापित कर सफेद चंदन, पीले और सफेद फूल अर्पित करने के बाद आरती उतारें । दूध, दही, घी, शकर,शहद और तुलसी मिलाकर पंचामृत का प्रसाद बनाकर मां को भोग लगाने के बाद इस मंत्र का जप 108 बार करें ।

मंत्र-

।। ऊं ऐं सरस्वत्यै नम: ।।


 


इस दिन इन उपायों को जरूर करें-


1- जिन बच्चों की कुंडली में बुध ग्रह कमजोर और पढ़ाई में मन ना लगे तो बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती को 5 हरे फलों को भेट करने के बाद 11फल गरीबों को दान कर दें ।

2- इस दिन पढ़ाई करने के स्थान पर पीले रंग के पर्दे या चित्र रखे । पढ़ाई में तेज मन लगने लगेगा ।

3- मां सरस्वती का चित्र अपने अध्ययन कक्ष या टेबल पर अवश्य रखें ।


4- अपनी टेबल पर क्रिस्टल या स्फटिक का ग्लोब रखें और उसे पढ़ाई करते समय बीच बीच में दो, तीन बार जरूर घुमाएं । ऐसा करने से एकाग्रता बढ़ेगी ।


5- अगर संगीत के क्षेत्र में सफल होना चाहते हैं, तो मां सरस्वती के इस मंत्र- ‘ह्रीं वाग्देव्यै ह्रीं ह्रीं’ का रोज 108 बार जप जरूर करें, एवं शहद का भोग लगा कर उसे प्रसाद के रूप में बांट दे ।


6- अगर पति-पत्नी के संबंधों में विवादों, न्यायिक मामलें, या फिर स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हो तो बसंत पंचमी के दिन ‘अर्गला स्तोत्र’ और ‘कीलक स्तोत्र’ का पाठ करें ।

Verma's Scientific Astrology and Vastu Research Center Ludhiana Punjab Bharat Phone..9417311379. www.astropawankv.com